Badalta Zamana

सूना था वक़्त रुकता नहीं, बहता है, बदलता है, बस राह अपनी;Tech
जाने कब खो गए वो दिन प्यारे
जाने कब छूट गए वो लोग सारे,
बच गई तो बस कुछ एहसास न्यारी,
रूठ गई क्या हमसे ये ज़िंदगी प्यारी? [Read more…]